भारत ने Maldives को वित्तीय सहायता के रूप में SAARC करेंसी स्वैप व्यवस्था के तहत 30 अरब रुपये की मंजूरी दी है। यह कदम क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और मालदीव की वित्तीय स्थिरता को समर्थन देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह सहायता South Asian Association for Regional Cooperation के तहत उपलब्ध कराई जा रही है, जो सदस्य देशों के बीच वित्तीय सहयोग और आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र है। इस व्यवस्था के माध्यम से सदस्य देश एक-दूसरे को अल्पकालिक विदेशी मुद्रा सहायता प्रदान कर सकते हैं।
India और मालदीव के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक संबंधों में निरंतर मजबूती आई है। यह वित्तीय सहायता दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वित्तीय मदद क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और छोटे देशों की अर्थव्यवस्था को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, खासकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में।
यह निर्णय भारत की ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbourhood First) नीति के अनुरूप माना जा रहा है, जिसके तहत वह दक्षिण एशिया के देशों के साथ सहयोग को प्राथमिकता देता है।
by Dainikshamtak on | 2026-04-24 16:41:26