उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 1055 करोड़ रुपये की लागत से विकसित 497 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। राप्ती नदी के एकला बांध पर आयोजित सार्वजनिक सभा में उन्होंने पुराने कचरा ढेर को वैज्ञानिक रूप से निस्तारित कर विकसित इको पार्क को जनता को समर्पित किया। इस इको पार्क का निर्माण 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के बायो-रेमेडिएशन के बाद किया गया जिससे 40 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त हुई। पहले यह स्थान मीथेन गैस उत्सर्जन, आगजनी और दुर्गंध के कारण स्वास्थ्य के लिए खतरा था। अब यहां वॉकिंग ट्रैक, योग क्षेत्र, बच्चों के खेल मैदान और हरित पट्टियां विकसित की गई हैं। सीएम ने नौसढ़-मालौनी फोरलेन मार्ग का भी उद्घाटन किया। परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जल निकासी प्रणाली और सड़क चौड़ीकरण शामिल हैं। 200 करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रमुख शहर मार्गों के उन्नयन पर खर्च की गई। एआईआईएमएस गोरखपुर और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्पष्ट इरादे से भाग्य तेजी से बदलता है। उन्होंने वन महोत्सव के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का आह्वान किया। विधायकों और नगर पार्षदों से अपने क्षेत्रों में मिनी सिटी फॉरेस्ट विकसित करने को कहा। गोरखपुर नगर निगम ने कचरा प्रबंधन में सफलता प्राप्त की है। पूर्वांचल का यह प्रमुख शहर अब औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। परियोजनाएं स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटी और आत्मनिर्भर भारत अभियानों से जुड़ी हैं। सीएम ने निवेशकों को हर संभव सुविधा देने का आश्वासन दिया। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। वेस्ट टू वेल्थ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की योजना है। यह विकास यात्रा पूर्वांचल को नई पहचान देगी। स्थानीय प्रतिनिधियों ने सीएम के नेतृत्व की सराहना की। (शब्द संख्या: ३४५)
by Dainikshamtak on | 2026-04-24 15:12:06