गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेरा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित एफआईआर से जुड़े मामले में आया है। पवन खेरा पर बहुपासपोर्ट रखने और विदेशी संपत्ति के झूठे आरोप लगाने का इल्जाम है। असम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की 14 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जिसमें मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पवन खेरा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि रिनिकी भुयां के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं और उन्होंने विदेशों में संपत्ति का स्वामित्व रखा है। इन दावों को रिनिकी भुयां ने पूरी तरह आधारहीन बताते हुए आधी रात को पानबाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले पवन खेरा की ट्रांजिट जमानत याचिका खारिज कर गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था। उसके बाद पवन खेरा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। कोर्ट ने 21 अप्रैल को दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और फैसला सुरक्षित रख लिया। 23 अप्रैल को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोप राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हैं और विपक्षी आवाज को दबाने का प्रयास है। वहीं अभियोजन पक्ष ने पवन खेरा पर जालसाजी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों का आरोप लगाते हुए जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने इन दलीलों पर विचार करने के बाद याचिका नामंजूर कर दी। यह मामला असम विधानसभा चुनाव 2026 के नजदीक आते ही राजनीतिक तनाव को बढ़ा रहा है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है जबकि भाजपा ने आरोपों को सही ठहराया। पवन खेरा को अब गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। असम पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत प्रदान करना उचित नहीं है। पवन खेरा के वकील अब उच्च न्यायालय में अपील की संभावना तलाश रहे हैं। यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति में कानूनी लड़ाइयों का एक और उदाहरण प्रस्तुत करता है। (शब्द संख्या: ३८५)
by Dainikshamtak on | 2026-04-24 15:06:25