रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गृह मंत्रालय को प्रज्ञा नामक एआई-सक्षम सैटेलाइट इमेजिंग सिस्टम सौंप दिया है। यह पूर्णतः स्वदेशी तकनीक पर आधारित प्रणाली वास्तविक समय में सुरक्षा निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगी। डीआरडीओ के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं रोबोटिक्स केंद्र (सीएआईआर) द्वारा विकसित यह सिस्टम सैटेलाइट चित्रों को उन्नत विश्लेषण के साथ एकीकृत करता है। इससे सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल उपयोगी जानकारी प्राप्त होगी। प्रज्ञा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने और सीमा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह प्रणाली विशाल मात्रा में सैटेलाइट डेटा को संसाधित कर पैटर्न पहचानती है और असामान्यताओं को चिह्नित करती है। पारंपरिक विधियों से जो जानकारी छूट जाती है वह अब तुरंत उपलब्ध होगी। डीआरडीओ के सचिव समीर वी कामत ने गृह सचिव गोविंद मोहन को यह सिस्टम कर्तव्य भवन में सौंपा। यह कदम आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा तकनीकी उन्नयन है। प्रज्ञा आतंकवाद-रोधी अभियानों, खुफिया संग्रह और परिचालन प्रतिक्रिया में सहायक सिद्ध होगी। कठिन भूभागों में कार्यरत एजेंसियों के लिए यह बल गुणक का कार्य करेगी। सिस्टम वर्तमान सैटेलाइट्स के डेटा का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाली इमेजरी प्रदान करता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से यह त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित करता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्वदेशी तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित करेगी। प्रज्ञा संयुक्त रूप से सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय को बेहतर बनाएगी। भारत सरकार की डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया पहलों के अनुरूप यह विकास रक्षा क्षेत्र में नवाचार को दर्शाता है। भविष्य में इस तकनीक का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी हो सकता है। डीआरडीओ लगातार उन्नत सैन्य प्रणालियों का विकास कर रहा है। यह सिस्टम आंतरिक और बाहरी दोनों सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। (शब्द संख्या: ३२८)
by Dainikshamtak on | 2026-04-24 15:11:34