प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में हुगली नदी के किनारे समय बिताया और सोशल मीडिया पर मां गंगा को समर्पित भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हर बंगाली के लिए गंगा का विशेष स्थान है और इसे बंगाल की आत्मा कहा जा सकता है। इसके पवित्र जल पूरे सभ्यता के कालातीत भाव को लेकर बहते हैं। कोलकाता में हुगली नदी के तट पर बिताए समय को मां गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बताया। इस दौरान उन्होंने नाविकों से भेंट की जिनकी कड़ी मेहनत की सराहना की तथा सुबह की सैर करने वालों से भी मुलाकात की। हुगली पर ही पश्चिम बंगाल के विकास और बंगाली लोगों की समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। यह यात्रा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले हुई जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री ने नदी पर नाव की सवारी की और हावड़ा ब्रिज तथा विद्यासागर सेतु जैसे प्रतिष्ठित स्थलों के दृश्य कैमरे में उतारे। बंगाल यात्रा के दौरान बेलूर मठ में भी पूजा अर्चना की। पहले चरण की वोटिंग 91.91 प्रतिशत मतदान के साथ संपन्न हुई जो तमिलनाडु से अधिक रही। भाजपा तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने का प्रयास कर रही है जबकि ममता बनर्जी चौथी बार सरकार बनाने की दौड़ में हैं। इस सांस्कृतिक-सामाजिक गतिविधि ने राजनीतिक संदेश के साथ बंगाल की आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री का यह कदम बंगाली संस्कृति से गहरा जुड़ाव दर्शाता है। नाविकों और स्थानीय लोगों से संवाद ने विकास योजनाओं पर जोर दिया। चुनावी माहौल में गंगा आराधना ने सकारात्मक संदेश दिया। राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देने का वादा दोहराया। बंगाल की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह घटना भारतीय राजनीति में सांस्कृतिक प्रतीकों के महत्व को उजागर करती है। (शब्द संख्या: ३४२)
by Dainikshamtak on | 2026-04-24 15:07:19