विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को 'नरक窟' कहे जाने वाले विवादास्पद बयान पर संयमित प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं। उन्होंने इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए स्पष्ट किया कि यह टिप्पणियां भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करतीं। ये संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कंजर्वेटिव रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट पोस्ट को शेयर किया था। इस पोस्ट में अमेरिकी जन्माधिकार नागरिकता नीति के खिलाफ पत्र था जिसमें भारत और चीन को 'पृथ्वी पर नरक窟' कहा गया था। यह टिप्पणी अमेरिकी आप्रवासन नीति पर बहस के बीच आई। मंत्रालय ने कहा कि ये टिप्पणियां असमयजित, अनुचित और खराब स्वाद की हैं। अमेरिकी दूतावास ने भी इस पर स्पष्टीकरण जारी किया था। भारत ने इस मुद्दे को बढ़ावा न देने का रुख अपनाया। वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच वाशिंगटन में व्यापार वार्ताएं चल रही हैं। दोनों देश 2030 तक 500 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। मंत्रालय ने इन वार्ताओं को रचनात्मक बताया। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर उच्च शुल्क लगाने की धमकी दी थी लेकिन दोनों पक्ष संतुलित समझौते की दिशा में कार्यरत हैं। यह घटना ऐसे समय हुई जब दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में निकट सहयोग कर रहे हैं। क्वाड गठबंधन और आई2यू2 जैसे मंचों पर सहमति बनी हुई है। ईरान ने भी इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उसने भारत-चीन को सभ्यता का गढ़ बताया। राजनीतिक हलकों में इस बयान पर बहस तेज हो गई। विपक्ष ने सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की। मंत्रालय ने राजनयिक संयम बनाए रखने पर जोर दिया। भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी अटल है। (शब्द संख्या: ३२९)
by Dainikshamtak on | 2026-04-24 15:12:50