भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक टूटकर 77,664 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 205 अंक गिरकर 24,173 पर बंद हुआ और 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों के बाजारों पर पड़ा। इसके अलावा भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 94 के स्तर के पार पहुंच गया, जिससे आयात लागत और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार में आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और कंजम्प्शन सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जबकि फार्मा सेक्टर ने कुछ मजबूती दिखाई। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशक फिलहाल अमेरिकी-ईरान हालात, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यह गिरावट भारतीय शेयर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और वैश्विक कारकों के असर को साफ तौर पर दिखाती है।
by Dainikshamtak on | 2026-04-23 16:23:45