भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत एक महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल प्रमुख अब्दुल रऊफ अज़हर को बहावलपुर, पाकिस्तान में एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया। अब्दुल रऊफ अज़हर, जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मौलाना मसूद अज़हर के छोटे भाई थे और 1999 के कंधार हाइजैक (IC-814) के मास्टरमाइंड के रूप में कुख्यात थे। इस हाइजैक के परिणामस्वरूप भारत को तीन आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा था, जिनमें मसूद अज़हर भी शामिल थे।
अब्दुल रऊफ अज़हर ने जैश-ए-मोहम्मद के संचालन का नेतृत्व करते हुए कई बड़े आतंकवादी हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया, जिनमें 2001 का भारतीय संसद पर हमला, 2002 में अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या, 2008 के मुंबई हमले, 2016 का पठानकोट हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं । 2007 में मसूद अज़हर के भूमिगत होने के बाद, अब्दुल रऊफ ने संगठन की कमान संभाली और इसे पुनर्गठित किया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें बहावलपुर, मुरिदके और मुज़फ़्फराबाद शामिल हैं। बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र 'जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह' पर किए गए हमले में अब्दुल रऊफ अज़हर के साथ-साथ मसूद अज़हर के दस पारिवारिक सदस्य और चार करीबी सहयोगी भी मारे गए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि की और इसे भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की यह कार्रवाई मापी गई और गैर-उत्तेजक थी, जिसका उद्देश्य केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था।
by Dainikshamtak on | 2025-05-08 15:25:19