केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि हैदराबाद को देश के प्रमुख हाई-स्पीड परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हैदराबाद को पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ने के लिए तीन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर योजना बनाई जा रही है। इन हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाना, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना है। रेल मंत्रालय के अनुसार हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार भारत की आधुनिक परिवहन नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्तावित कॉरिडोर के विकसित होने से व्यापार, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलने की संभावना है। हैदराबाद पहले से ही देश का प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक केंद्र है तथा बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे भी तकनीकी एवं विनिर्माण गतिविधियों के प्रमुख शहरों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने से आर्थिक गलियारे और अधिक मजबूत होंगे तथा यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, रोजगार और शहरी विकास को भी सकारात्मक बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, व्यवहार्यता अध्ययन, वित्तीय स्वीकृतियां, भूमि अधिग्रहण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी शेष हैं। रेलवे मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं की प्रगति निर्धारित प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों के अनुसार आगे बढ़ेगी। भारत वर्तमान में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर भी कार्य कर रहा है और भविष्य में अन्य प्रमुख शहरों को भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर विचार किया जा रहा है। यदि प्रस्तावित तीनों कॉरिडोर समयबद्ध तरीके से साकार होते हैं, तो हैदराबाद देश के सबसे महत्वपूर्ण हाई-स्पीड रेल जंक्शनों में शामिल हो सकता है और दक्षिण भारत के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती मिल सकती है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-12 18:18:42