आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य को समुद्री उद्योग और उन्नत विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री ने दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनी हुंडई की शिपबिल्डिंग इकाई को आंध्र प्रदेश में मरीन इंजीनियरिंग हब स्थापित करने का औपचारिक आमंत्रण दिया है। सरकार का मानना है कि राज्य की लंबी समुद्री तटरेखा, प्रमुख बंदरगाह, विकसित हो रहा औद्योगिक ढांचा और कुशल मानव संसाधन बड़े समुद्री एवं जहाज निर्माण निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। प्रस्तावित मरीन इंजीनियरिंग हब के माध्यम से जहाज निर्माण, जहाजों की मरम्मत, समुद्री उपकरण निर्माण, अनुसंधान एवं विकास तथा उच्च कौशल वाले रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। आंध्र प्रदेश पहले से ही विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कृष्णापट्टनम जैसे प्रमुख बंदरगाहों के कारण समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार का लक्ष्य इन क्षमताओं का उपयोग करते हुए वैश्विक समुद्री उद्योग से जुड़े निवेश को आकर्षित करना और भारत के ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को गति देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हुंडई की शिपबिल्डिंग इकाई राज्य में निवेश करती है, तो इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, सहायक विनिर्माण इकाइयों का विकास होगा और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं। इसके अलावा भारत के जहाज निर्माण और समुद्री इंजीनियरिंग क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी। राज्य सरकार ने निवेशकों को भूमि, अवसंरचना, नीति समर्थन और व्यापार सुगमता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है। फिलहाल यह निवेश आमंत्रण और प्रारंभिक चर्चा का चरण है तथा परियोजना से जुड़े अंतिम निर्णय और समझौते संबंधित पक्षों के बीच औपचारिक सहमति के बाद ही सामने आएंगे। यदि यह पहल सफल होती है, तो आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख मरीन इंजीनियरिंग और शिपबिल्डिंग केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-12 18:14:25