भारतीय वायुसेना बनी दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना, चीन को पीछे छोड़ रचा नया इतिहास

भारतीय वायुसेना बनी दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना, चीन को पीछे छोड़ रचा नया इतिहास

भारतीय वायुसेना ने वैश्विक सैन्य विमानन क्षमता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (डब्ल्यूडीएमएमए) की वर्ष 2026 की एयर पावर रैंकिंग में दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना का स्थान प्राप्त किया है। इस सूची में पहले स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना और दूसरे स्थान पर रूस की वायुसेना है, जबकि भारतीय वायुसेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स को पीछे छोड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। डब्ल्यूडीएमएमए के अनुसार यह रैंकिंग केवल विमानों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि लड़ाकू क्षमता, बेड़े का संतुलन, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक समर्थन, विशेष मिशन क्षमताओं, प्रशिक्षण, स्वदेशी एयरोस्पेस उद्योग और परिचालन दक्षता जैसे कई मानकों का मूल्यांकन करके तैयार की जाती है। रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, अपाचे और चिनूक जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म को इसकी प्रमुख ताकत बताया गया है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारतीय वायुसेना के सामने लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या बढ़ाने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिकीकरण को तेज करने जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस एमके-1ए, एएमसीए, उन्नत ड्रोन, आधुनिक मिसाइल प्रणालियों और नए बल गुणकों के शामिल होने से आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की क्षमता और मजबूत हो सकती है। यह रैंकिंग भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति और स्वदेशी रक्षा निर्माण की दिशा में हो रही प्रगति को भी दर्शाती है। हालांकि यह रैंकिंग एक स्वतंत्र विश्लेषणात्मक संस्था द्वारा जारी की गई है और इसे किसी सरकार या अंतरराष्ट्रीय संगठन की आधिकारिक सैन्य रैंकिंग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 

by Dainikshamtak on | 2026-07-11 15:32:34

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