न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक दौरे का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूज़ीलैंड दौरा हो रहा है और ऐसे विशेष अवसर की मेजबानी करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा से भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और गति मिलेगी। अपने संबोधन में न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार 1990 के दशक में भारत का दौरा किया था, जब लोगों को दैनिक मजदूरी नकद सिक्कों के रूप में मिलती थी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारत ने उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था, डिजिटल नवाचार और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब न्यूज़ीलैंड में माओरी समुदाय का नववर्ष ‘मातारिकी’ मनाया जा रहा है। उन्होंने सांस्कृतिक समानताओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि जिस तारामंडल को माओरी परंपरा में ‘मातारिकी’ कहा जाता है, वही भारतीय परंपरा में ‘कृत्तिका’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बताया। विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा व्यापार, शिक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी को नई मजबूती देने पर भी चर्चा होने की संभावना है। यह दौरा भारत और न्यूज़ीलैंड के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-11 15:30:26