उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। केंद्र सरकार की उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित किया गया। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड उन चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने वयस्क साक्षरता और बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा चलाए गए व्यापक साक्षरता अभियानों, स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी तथा समुदाय आधारित प्रयासों ने इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन लोगों को पढ़ना, लिखना और बुनियादी गणित सिखाने पर विशेष ध्यान दिया गया, जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए थे। सरकार के अनुसार पूर्ण साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल, वित्तीय और सामाजिक रूप से भी अधिक सक्षम बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से राज्य में मानव संसाधन विकास, रोजगार के अवसर, सामाजिक जागरूकता और आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी। शिक्षा के बेहतर स्तर का सकारात्मक प्रभाव स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवाओं के उपयोग पर भी देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार ने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों, स्वयंसेवकों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों को दिया है। केंद्र सरकार ने भी उत्तराखंड के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। आने वाले समय में राज्य सरकार का लक्ष्य साक्षरता की इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास कार्यक्रमों को और मजबूत करना है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

by Dainikshamtak on | 2026-07-10 16:43:08

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