भारतीय वायुसेना दुनिया की छठी सबसे शक्तिशाली वायु शक्ति बनी, चीन की पीएलए वायुसेना से मिली बेहतर रैंकिंग

भारतीय वायुसेना दुनिया की छठी सबसे शक्तिशाली वायु शक्ति बनी, चीन की पीएलए वायुसेना से मिली बेहतर रैंकिंग

विश्व की सैन्य विमानन क्षमताओं का आकलन करने वाली संस्था वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (डब्ल्यूडीएमएमए) की वर्ष 2026 की वैश्विक एयर पावर रैंकिंग में भारतीय वायुसेना को दुनिया की छठी सबसे शक्तिशाली वायु शक्ति का स्थान दिया गया है। इस सूची में भारतीय वायुसेना को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स से ऊपर स्थान मिला है, जबकि चीन की वायुसेना सातवें स्थान पर रही। डब्ल्यूडीएमएमए के अनुसार यह रैंकिंग केवल विमानों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, लड़ाकू क्षमता, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक समर्थन, परिचालन दक्षता, बेड़े के संतुलन और मिशन क्षमता जैसे कई मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। भारत के पास चीन की तुलना में कम सैन्य विमान होने के बावजूद भारतीय वायुसेना को इन गुणात्मक मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के कारण उच्च स्थान प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, सी-17, सी-130जे और उन्नत हेलीकॉप्टर बेड़े जैसी क्षमताओं का उल्लेख किया गया है। साथ ही हाल के वर्षों में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास, नेटवर्क आधारित युद्ध क्षमता और परिचालन अनुभव को भी महत्वपूर्ण कारक माना गया है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय वायुसेना के सामने लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या बढ़ाने, पुराने विमानों के प्रतिस्थापन और नए प्लेटफॉर्म की शीघ्र तैनाती जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी वर्षों में तेजस एमके-1ए, तेजस एमके-2, उन्नत लड़ाकू विमानों और अन्य आधुनिक प्रणालियों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना की क्षमता और मजबूत होगी। यह रैंकिंग भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और वैश्विक रक्षा परिदृश्य में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है। हालांकि यह एक स्वतंत्र विश्लेषणात्मक संस्था की रैंकिंग है और इसे आधिकारिक सरकारी मूल्यांकन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 

by Dainikshamtak on | 2026-07-10 16:15:14

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