प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की उस नीति की सराहना की है, जिसके तहत नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, डेटा गोपनीयता और बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से बचाने जैसे मुद्दे भी गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग समाज के विकास और शिक्षा के लिए होना चाहिए, लेकिन इसके दुष्प्रभावों को रोकने के लिए प्रभावी नीतियां और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है। ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सख्त कानूनी प्रावधानों की दिशा में पहल की है, जिसका उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन जोखिमों से सुरक्षित रखना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को बच्चों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया और कहा कि दुनिया के कई देश डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग को लेकर नए नियम बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के तेजी से विस्तार के बीच बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, स्क्रीन समय का संतुलन, साइबर बुलिंग की रोकथाम और डेटा संरक्षण जैसे विषय नीति निर्माण के केंद्र में आ गए हैं। भारत भी डिजिटल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच डिजिटल सहयोग, प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी भविष्य में और मजबूत हो सकती है। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विश्वभर में बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने पर व्यापक चर्चा चल रही है और कई देश इस दिशा में नए नियामक ढांचे विकसित कर रहे हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-07-10 16:47:24