ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम आपूर्ति पर दी सहमति, ऊर्जा सहयोग होगा मजबूत

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम आपूर्ति पर दी सहमति, ऊर्जा सहयोग होगा मजबूत

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम की आपूर्ति करने पर सहमति जताई है, जिससे दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय भारत और ऑस्ट्रेलिया के बढ़ते रणनीतिक तथा आर्थिक संबंधों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूरेनियम का उपयोग भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा और इसका उद्देश्य देश की स्वच्छ एवं दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है। भारत लगातार अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य कर रहा है। ऐसे में परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा मिश्रण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया विश्व के प्रमुख यूरेनियम उत्पादक देशों में शामिल है और उसके पास यूरेनियम का विशाल भंडार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग से भारत को अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए स्थिर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले वर्षों में व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। यूरेनियम आपूर्ति पर सहमति दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सुरक्षा मानकों और भारत-ऑस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु सहयोग समझौते के प्रावधानों के अनुरूप होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि से भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों, कार्बन उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में आगे भी तकनीकी सहयोग, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े नए अवसर विकसित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे द्विपक्षीय संबंध और अधिक व्यापक एवं मजबूत हो सकते हैं।

by Dainikshamtak on | 2026-07-12 18:24:29

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