सीजेपी (CJP) द्वारा चलाया जा रहा विरोध प्रदर्शन 16वें दिन भी जारी रहा, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन उपवास आठवें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार लंबे उपवास के कारण वांगचुक का लगभग 6 किलोग्राम वजन कम हो गया है। उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है और चिकित्सकीय टीम समय-समय पर उनका परीक्षण कर रही है। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं और सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं। आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक उपवास करने से शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे मामलों में नियमित चिकित्सकीय निगरानी अत्यंत आवश्यक होती है ताकि किसी भी स्वास्थ्य जटिलता का समय रहते उपचार किया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आंदोलन के लंबा खिंचने से इस मुद्दे पर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है। वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी औपचारिक समाधान की घोषणा नहीं हुई है। दोनों पक्षों की ओर से आगे होने वाली बातचीत और संभावित निर्णयों पर सभी की नजर बनी हुई है। यदि वार्ता सफल होती है, तो आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। वहीं स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए सोनम वांगचुक की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण रह सकते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-07-07 13:35:59