केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि गुजरात स्थित CG Semi OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात जापान, अमेरिका और यूरोप सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों में किया जाएगा। यह भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और इससे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है। मंत्री के अनुसार यह परियोजना केवल घरेलू मांग को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत को उच्च गुणवत्ता वाले सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्यातक देश के रूप में भी स्थापित करेगी। OSAT प्लांट में चिप्स की असेंबली (Assembly), पैकेजिंग (Packaging), परीक्षण (Testing) और गुणवत्ता सत्यापन (Validation) जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जो सेमीकंडक्टर निर्माण श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए विश्वसनीय सप्लाई चेन तैयार करना भारत की दीर्घकालिक रणनीति का प्रमुख उद्देश्य है। भारत सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना और अन्य नीतिगत सुधारों के माध्यम से इस क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित कर रही है। हाल के वर्षों में देश में कई सेमीकंडक्टर निर्माण और OSAT परियोजनाओं की घोषणा की गई है। विश्लेषकों के अनुसार गुजरात का यह प्लांट भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और चिप पैकेजिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, उच्च तकनीकी कौशल का विकास होगा और विदेशी मुद्रा आय में भी वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित बाजारों में भारतीय चिप्स का निर्यात भारत के तकनीकी मानकों और विनिर्माण क्षमता पर बढ़ते वैश्विक विश्वास का संकेत है। यह पहल 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियानों को भी नई गति देने वाली मानी जा रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-07 13:41:34