ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की नवीनतम रिपोर्ट में भारत को 125वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग विभिन्न देशों के पासपोर्ट की वैश्विक उपयोगिता, वीज़ा-मुक्त (Visa-Free), वीज़ा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival) तथा अन्य यात्रा सुविधाओं के आधार पर तैयार की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार किसी देश के पासपोर्ट की रैंक इस बात को दर्शाती है कि उसके नागरिक बिना पूर्व वीज़ा या सरल वीज़ा प्रक्रिया के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पासपोर्ट रैंकिंग किसी देश की कूटनीतिक पहुंच, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक गतिशीलता का एक संकेतक मानी जाती है। हालांकि यह किसी देश की आर्थिक शक्ति, नागरिकों की जीवन गुणवत्ता या वैश्विक प्रभाव का प्रत्यक्ष मापदंड नहीं होती। भारत के पासपोर्ट धारकों के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई देशों ने वीज़ा प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, जबकि सरकार भी विभिन्न देशों के साथ यात्रा एवं वीज़ा सहयोग बढ़ाने के प्रयास कर रही है। विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि द्विपक्षीय समझौतों, पर्यटन सहयोग और आर्थिक संबंधों के विस्तार के साथ भविष्य में भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक पहुंच और बेहतर हो सकती है। वहीं शीर्ष स्थानों पर रहने वाले देशों के नागरिकों को बड़ी संख्या में देशों में वीज़ा-मुक्त प्रवेश की सुविधा प्राप्त होती है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, व्यापारिक संबंध और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के विस्तार से आने वाले वर्षों में यात्रा सुविधाओं में और सुधार संभव है। हालांकि किसी भी पासपोर्ट रैंकिंग को समझते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अलग-अलग वैश्विक संस्थाएं अपनी-अपनी कार्यप्रणाली और मानकों के आधार पर रैंकिंग जारी करती हैं, इसलिए विभिन्न सूचकांकों में किसी देश की स्थिति अलग हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक साझेदारियों के विस्तार से भविष्य में भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी सुविधाओं में और वृद्धि होने की संभावना है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-06 13:53:58