प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के पचपदरा (जिला बालोतरा) में ₹79,450 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित भारत की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह परियोजना देश के ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। सरकार के अनुसार यह अत्याधुनिक परिसर कच्चे तेल के शोधन (Refining) के साथ-साथ उच्च मूल्य वाले पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी उत्पादन करेगा, जिससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में सहायता मिलेगी। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही राजस्थान में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा सहायक इकाइयों के विकास को भी गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉम्प्लेक्स पश्चिम भारत को एक प्रमुख पेट्रोकेमिकल हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार का कहना है कि आधुनिक तकनीक से लैस यह रिफाइनरी पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए ईंधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन करेगी। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और देश की बढ़ती औद्योगिक मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। भारत विश्व के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में शामिल है और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू शोधन क्षमता का विस्तार राष्ट्रीय ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह परियोजना 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान को नई गति देगी तथा राजस्थान के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करेगी। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत की रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ निर्यात, विदेशी निवेश और पेट्रोकेमिकल मूल्य श्रृंखला को भी मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले वर्षों में यह परिसर देश के ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो सकता है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-06 13:56:35