टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत से iPhone निर्यात के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए पिछले पांच वर्षों में 26.3 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के Apple स्मार्टफोन निर्यात किए हैं। इस उपलब्धि के साथ कंपनी भारत की सबसे बड़ी iPhone निर्यातक बन गई है और उसने मामूली अंतर से Foxconn को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में Apple ने अपनी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका लगातार बढ़ाई है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने पहले Wistron के भारत स्थित परिचालन का अधिग्रहण किया और बाद में Pegatron India के संचालन में भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल की। इसके बाद कंपनी ने iPhone निर्माण और निर्यात क्षमता में तेजी से विस्तार किया। विशेषज्ञों का मानना है कि Apple की "China Plus One" रणनीति और भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई गति दी है। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार भारत अब वैश्विक स्मार्टफोन निर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, Foxconn और अन्य कंपनियों द्वारा किए जा रहे बड़े निवेश से रोजगार, तकनीकी कौशल और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिल रही है। इससे भारत की निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च मूल्य वाले इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात बढ़ने से भारत के व्यापार संतुलन और विनिर्माण क्षेत्र को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। आने वाले वर्षों में Apple द्वारा भारत में उत्पादन और निर्यात का हिस्सा और बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में और अधिक मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की यह उपलब्धि देश के तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र और 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-04 19:38:11