भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्कायरूट एयरोस्पेस अपने आगामी विक्रम-1 लॉन्च के साथ देश के स्पेस सेक्टर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने की ओर बढ़ रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विक्रम-1 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर अंतिम तैयारी और एकीकरण के लिए भेज दिया गया है और इसका लॉन्च विंडो जुलाई 2026 में तय किया गया है। यह मिशन भारत के निजी ऑर्बिटल प्रक्षेपण प्रयासों में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि यह देश की पहली निजी रूप से विकसित कक्षीय रॉकेट उड़ान के रूप में देखा जा रहा है। विक्रम-1 एक मल्टी-स्टेज ऑर्बिटल लॉन्च वाहन है, जिसे छोटे उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह रॉकेट लगभग 260 से 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है और इसमें आधुनिक कंपोज़िट संरचना, इन-हाउस प्रणोदन प्रणाली तथा 3डी प्रिंटेड इंजनों का उपयोग किया गया है। स्कायरूट के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार चंदना ने पहले कहा था कि यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग को नई दिशा देगा और ऑन-डिमांड सैटेलाइट लॉन्च सेवाओं के लिए वैश्विक बाजार में अवसर खोलेगा। यह भी बताया गया है कि विक्रम-1 के प्री-फ्लाइट परीक्षण पूरे कर लिए गए हैं और अब अंतिम एकीकरण तथा लॉन्च-रेडी चेक जारी हैं। अगर यह मिशन सफल होता है, तो भारत निजी कक्षीय प्रक्षेपण क्षमता रखने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में और मजबूत स्थिति में आ जाएगा। यह विकास न केवल स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अहम है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, तकनीकी आत्मनिर्भरता और व्यावसायिक लॉन्च सेवाओं के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-03 22:32:48