भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपनी वैश्विक पहुंच का एक और विस्तार करते हुए अब ग्रीस में भी प्रवेश कर लिया है। Eurobank और NPCI International Payments Limited (NIPL) के बीच हुई साझेदारी के तहत ग्रीस में UPI-सक्षम रेमिटेंस सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इस नई सुविधा के माध्यम से पात्र ग्राहक अब ग्रीस से भारत में तुरंत, सुरक्षित और अपेक्षाकृत कम लागत पर धनराशि भेज सकेंगे। यह पहल भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा है, जो विभिन्न देशों में यूपीआई और अन्य भारतीय भुगतान समाधानों के विस्तार पर कार्य कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार नई व्यवस्था से विशेष रूप से ग्रीस में रहने वाले भारतीय समुदाय, छात्रों, पेशेवरों और व्यवसायों को लाभ मिलेगा। पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण सेवाओं की तुलना में यूपीआई आधारित रेमिटेंस तेज, सुविधाजनक और कम शुल्क वाली हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस, नेपाल, भूटान और अन्य देशों के साथ भी यूपीआई आधारित भुगतान और रेमिटेंस सहयोग का विस्तार किया है। सरकार का उद्देश्य भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय और आधुनिक भुगतान नेटवर्क के रूप में स्थापित करना है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीआई के अंतरराष्ट्रीय विस्तार से सीमा पार भुगतान अधिक सरल होंगे, लेनदेन लागत कम होगी और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को वैश्विक पहचान मिलेगी। इसके साथ ही यह पहल भारत और ग्रीस के बीच वित्तीय सहयोग तथा डिजिटल नवाचार को भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में एनपीसीआई इंटरनेशनल और अधिक देशों के साथ साझेदारी कर यूपीआई नेटवर्क का विस्तार कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम भारत के फिनटेक क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और डिजिटल भुगतान नेतृत्व का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-01 16:01:28