केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड प्रणाली का शुभारंभ किया। सरकार के अनुसार एफसीआरए 2.0 पोर्टल का उद्देश्य विदेशी अंशदान से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और प्रभावी बनाना है। इस नए पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, नवीनीकरण, अनुपालन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल तथा तकनीक आधारित बनाया जाएगा। वहीं ई-ओसीआई कार्ड व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को डिजिटल माध्यम से अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है। गृह मंत्रालय का कहना है कि इन पहलों से सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी, दस्तावेजों का प्रबंधन आसान होगा और आवेदकों को तेज़ एवं पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि एफसीआरए 2.0 प्रणाली विदेशी धन के प्रवाह की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाएगी और अवैध धार्मिक धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सहायता करेगी। हालांकि विपक्षी दलों और कुछ नागरिक संगठनों ने समय-समय पर एफसीआरए कानून के विभिन्न प्रावधानों को लेकर अपनी अलग-अलग राय व्यक्त की है। उनका कहना है कि कानून का उपयोग करते समय पारदर्शिता और वैध सामाजिक संगठनों के कार्यों में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। सरकार का पक्ष है कि एफसीआरए का उद्देश्य विदेशी अंशदान के उपयोग को नियामकीय ढांचे के भीतर रखना और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। विशेषज्ञों के अनुसार एफसीआरए भारत में विदेशी वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले गैर-सरकारी संगठनों और संस्थाओं के नियमन का प्रमुख कानून है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण से अनुपालन व्यवस्था और निगरानी क्षमता में सुधार की संभावना है। वहीं ई-ओसीआई कार्ड से विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को दस्तावेज़ संबंधी सेवाओं में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई प्रणाली के क्रियान्वयन तथा इनके प्रभाव का आकलन आधिकारिक आंकड़ों और अनुभवों के आधार पर किया जाएगा।
by Dainikshamtak on | 2026-07-01 15:39:42