भारत के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के आधार पर विश्व बैंक की अपर-मिडिल इनकम (Upper Middle-Income) श्रेणी की सीमा को पार कर लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली लगभग 6,217 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति आय के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद कर्नाटक (5,579 डॉलर), तेलंगाना (5,407 डॉलर), तमिलनाडु (5,329 डॉलर) और गुजरात (4,734 डॉलर) का स्थान है। विश्व बैंक समय-समय पर देशों की आय श्रेणियों का निर्धारण प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per capita) के आधार पर करता है। इन राज्यों की प्रति व्यक्ति आय का स्तर उस सीमा से ऊपर पहुंच गया है, जिसे अपर-मिडिल इनकम श्रेणी के तुलनीय माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन राज्यों में तेज औद्योगिकीकरण, सेवा क्षेत्र का विस्तार, सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, निर्यात, वित्तीय सेवाओं और निवेश ने आर्थिक विकास को गति दी है। दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में आईटी, स्टार्टअप, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवा क्षेत्र की मजबूत उपस्थिति ने प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं गुजरात ने विनिर्माण, बंदरगाह आधारित उद्योगों, पेट्रोकेमिकल, ऑटोमोबाइल और व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से लगातार उच्च आर्थिक विकास दर्ज किया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि किसी क्षेत्र की आर्थिक क्षमता का महत्वपूर्ण संकेतक होती है, हालांकि यह आय के समान वितरण, जीवन स्तर और सामाजिक विकास का पूर्ण मापदंड नहीं है। विभिन्न राज्यों के बीच आय और विकास में अभी भी उल्लेखनीय अंतर मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण में निवेश बढ़ने से अन्य राज्य भी इस श्रेणी के करीब पहुंच सकते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के बीच इन राज्यों का प्रदर्शन देश की समग्र विकास यात्रा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-07 13:33:34