भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विक्रम-I (Vikram-I) को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी इस मिशन से पहले पारंपरिक वेट ड्रेस रिहर्सल (Wet Dress Rehearsal) नहीं करेगी। यह निर्णय मिशन की तकनीकी तैयारी, परीक्षणों और लॉन्च प्रक्रिया में कंपनी के आत्मविश्वास को दर्शाता है। वेट ड्रेस रिहर्सल सामान्यतः वास्तविक लॉन्च से पहले किया जाने वाला व्यापक परीक्षण होता है, जिसमें रॉकेट में ईंधन भरने और लॉन्च काउंटडाउन जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया जाता है। हालांकि कुछ मिशनों में तकनीकी डिजाइन, परीक्षण रणनीति और मिशन आवश्यकताओं के आधार पर ऐसी प्रक्रिया को संशोधित या सीमित किया जा सकता है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने वर्ष 2022 में विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट का सफल प्रक्षेपण कर भारत की पहली निजी रॉकेट लॉन्च कंपनी बनने का गौरव हासिल किया था। अब विक्रम-I मिशन कंपनी के लिए अगला बड़ा चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार के बाद स्काईरूट जैसी कंपनियां देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) और सरकार की नई अंतरिक्ष नीति ने निजी कंपनियों को लॉन्च सेवाओं, उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निवेश के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। यदि विक्रम-I मिशन सफल रहता है, तो भारत की वाणिज्यिक लॉन्च सेवाओं की क्षमता और मजबूत होगी तथा वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारतीय निजी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति बेहतर होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह मिशन भारत के उभरते निजी अंतरिक्ष उद्योग और ‘स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम’ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-07 13:32:21