भारतीय नौसेना ने स्टेल्थ विमानों का पता लगाने वाले अजाम्य क्वांटम रडार विकसित करने के लिए ADITI 4.0 योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का चैलेंज लॉन्च किया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्वदेशी उद्योगों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई को आमंत्रित करती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 मार्च 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा की। पारंपरिक रडार स्टेल्थ तकनीक के खिलाफ अप्रभावी हैं जबकि क्वांटम रडार क्वांटम एंटैंगलमेंट का उपयोग कर लक्ष्य का पता लगाएगा। यह प्रणाली भारी वर्षा, कोहरे और समुद्री परिस्थितियों में भी कार्य करेगी। अंतिम उत्पाद को नौसेना के मौजूदा कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 4 मई 2026 है। विजेता को प्रोटोटाइप विकास के लिए पूर्ण फंडिंग मिलेगी। क्वांटम रडार पारंपरिक रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल के बजाय एंटैंगल्ड फोटॉन में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगाएगा। यह स्टेल्थ विमानों को आसानी से नाकाम कर देगा। नौसेना ने वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में प्रदर्शन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यह पहल iDEX प्लेटफॉर्म के तहत है। आत्मनिर्भर भारत के तहत उन्नत तकनीक विकास का हिस्सा। क्वांटम सेंसिंग, नेविगेशन और रडार तकनीक पर काम तेज। पहले ADITI चैलेंज में क्वांटम स्टार्टअप्स को सफलता मिली। नौसेना का लक्ष्य 2035 तक क्वांटम रडार को सेवा में लाना। यह परियोजना भारत को क्वांटम युद्धक्षमता में अग्रणी बनाएगी। स्टार्टअप्स को तकनीकी और वित्तीय सहायता। वैश्विक स्तर पर चीन और अमेरिका क्वांटम रडार पर काम कर रहे। भारत का यह कदम रक्षा क्षेत्र में नया आयाम जोड़ेगा।
by Dainikshamtak on | 2026-05-04 16:06:08