फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान का ऐसा सिस्टम बनाया जो दुनिया के किसी अन्य देश ने हासिल नहीं किया। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में नई दिल्ली में बोलते हुए मैक्रों ने एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि दस साल पहले मुंबई का एक रेहड़ी-पटरी वाला दुकानदार बिना पते और कागजात के बैंक खाता भी नहीं खोल पाता था। आज वही दुकानदार अपने फोन पर देशभर से तुरंत मुफ्त भुगतान लेता है। मैक्रों ने इसे महज तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि सभ्यता की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने वित्तीय समावेशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यह भारत स्टैक का हिस्सा है जिसमें आधार, डिजिटल लॉकर और अन्य सेवाएं शामिल हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान की भी प्रशंसा की। 2024 में जयपुर यात्रा के दौरान पीएम मोदी के साथ स्थानीय दुकान पर यूपीआई भुगतान देखकर वे प्रभावित हुए थे। मैक्रों ने भारत को डिजिटल सार्वभौमिकता का मॉडल बताया। उन्होंने एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्वच्छ ऊर्जा में भारत-फ्रांस सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। यूपीआई ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान का नया मानक स्थापित किया। फ्रांस सहित कई देश इसे अपने यहां लागू करने की योजना बना रहे। मैक्रों ने अमेरिका-चीन एआई प्रतिस्पर्धा के बीच रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर दिया। भारत का डिजिटल ढांचा वैश्विक नवाचार के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
by Dainikshamtak on | 2026-05-03 19:53:04