कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) ने अपनी 2025 सार्वजनिक रिपोर्ट में कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथियों को गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बताया है। रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ सीमित संख्या वाले चरमपंथी कनाडा को प्रचार, धन संग्रह और हिंसक गतिविधियों की योजना बनाने के लिए आधार बना रहे हैं। ये गतिविधियां मुख्य रूप से भारत के खिलाफ निर्देशित हैं। सीएसआईएस ने स्पष्ट किया कि ये चरमपंथी कनाडाई नागरिकों और संस्थाओं का उपयोग कर हिंसक एजेंडा को बढ़ावा देते हैं। समुदाय के सदस्यों से एकत्र धन हिंसक कार्यों के लिए डायवर्ट किया जाता है। 2025 में कनाडा में इनसे जुड़ी कोई हिंसा दर्ज नहीं हुई लेकिन खतरा बना हुआ है। रिपोर्ट ने चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान के विदेशी हस्तक्षेप का भी उल्लेख किया। सीएसआईएस ने पहली बार आधिकारिक रूप से 'कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथी' शब्द का प्रयोग किया। यह भारत के लंबे समय से चले आ रहे दावों की पुष्टि करता है। कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्वों ने 1985 एयर इंडिया बॉम्बिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। सीएसआईएस ने शांतिपूर्ण राजनीतिक वकालत और हिंसक चरमपंथि के बीच अंतर स्पष्ट किया। रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की गई। भारत ने कनाडा से बार-बार इन तत्वों पर कार्रवाई की मांग की थी। 2023 में पीएम मोदी की कनाडा यात्रा रद्द हुई थी। सीएसआईएस की चेतावनी से भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की संभावना। कनाडा सरकार ने कहा कि वह कानून का पालन सुनिश्चित करेगी। खालिस्तानी समूह कनाडाई संस्थानों का दुरुपयोग कर रहे। यह रिपोर्ट द्विपक्षीय संबंधों में नया मोड़ ला सकती। कनाडा में सिख समुदाय के अधिकांश सदस्य शांतिप्रिय हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-05-04 16:04:28