वैश्विक तेल कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट क्रूड 122 डॉलर तक पहुंचा

वैश्विक तेल कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट क्रूड 122 डॉलर तक पहुंचा

इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई जब ब्रेंट क्रूड की कीमत चार साल के उच्चतम स्तर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित रुकावट और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव मुख्य कारण रहे। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) भी 113 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा। यह उछाल 2022 के रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद पहली बार देखा गया। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों में भय पैदा कर दिया। ईरान ने सीजफायर वार्ता को ठुकरा दिया जबकि अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति को स्थिति ब्रीफ की। भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ा। पिछले तीन माह में ब्रेंट में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि तनाव बढ़ा तो 130 डॉलर भी संभव। OPEC+ ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम ने प्रभाव कम कर दिया। अमेरिकी सप्लाई में रुकावट और कमजोर डॉलर ने भी कीमतें ऊंची रखीं। भारत सरकार ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का उपयोग करने का संकेत दिया। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें 993 रुपये बढ़ चुकीं। पेट्रोल-डीजल पर भी दबाव। वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक उच्च कीमतें आर्थिक विकास को प्रभावित करेंगी। शेयर बाजारों में तेल कंपनियों के शेयर चढ़े लेकिन उपभोक्ता क्षेत्रों पर दबाव। भारत ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए नवीकरणीय स्रोतों पर जोर दिया। यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नया खतरा बन गया।


by Dainikshamtak on | 2026-05-03 19:48:41

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