अमेरिकी महंगाई मार्च में 3.5% पर पहुंची, पेट्रोल कीमतों में उछाल से दबाव

अमेरिकी महंगाई मार्च में 3.5% पर पहुंची, पेट्रोल कीमतों में उछाल से दबाव

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में अमेरिकी महंगाई दर 3.5 प्रतिशत पर पहुंच गई जो लगभग तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडीचर (पीसीई) मूल्य सूचकांक फरवरी के 2.8 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 3.5 प्रतिशत हो गया। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पेट्रोल कीमतों में 24.1 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल मुख्य कारण रहा। मार्च में पीसीई सूचकांक मासिक आधार पर 0.7 प्रतिशत बढ़ा जो जून 2022 के बाद का सबसे बड़ा मासिक बढ़ोतरी है। खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर पीसीई सूचकांक सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत बढ़ा। फेडरल रिजर्व का लक्ष्य 2 प्रतिशत महंगाई को नियंत्रित करना है लेकिन मध्य पूर्व संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया। पेट्रोल की औसत खुदरा कीमत चार वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अप्रैल में भी ईंधन कीमतें ऊंची बनी रहीं। अर्थशास्त्रियों ने पूर्वानुमान लगाया था कि युद्ध के कारण तेल आयात महंगा होने से महंगाई बढ़ेगी। अमेरिकी उपभोक्ता खर्च भी प्रभावित हुआ। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम कर दी। वॉल स्ट्रीट पर तेल कंपनियों के शेयर बढ़े लेकिन उपभोक्ता क्षेत्रों पर दबाव पड़ा। वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा। भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी असर पड़ेगा। डॉलर की कमजोरी ने भी तेल कीमतों को बढ़ावा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व संकट लंबा खिंचा तो महंगाई और तेजी से बढ़ सकती है। अमेरिकी सरकार ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का उपयोग करने पर विचार कर रही। यह आंकड़ा फेड की मौद्रिक नीति को प्रभावित करेगा।


by Dainikshamtak on | 2026-05-03 19:52:04

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