रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) के विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026 में भारत को 180 देशों में 157वें स्थान पर रखा गया है। यह पिछले वर्ष के 151वें स्थान से छह पायदान की गिरावट दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। पार्टी के मीडिया विभाग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि स्वतंत्र प्रेस पर हमला हो रहा है और पत्रकारों को दबाया जा रहा है। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी इस रिपोर्ट में भारत को 'बहुत गंभीर' श्रेणी में रखा गया। आरएसएफ ने मीडिया पर न्यायिक दबाव, कॉर्पोरेट नियंत्रण और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारणों का उल्लेख किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचनात्मक पत्रकारिता को कुचल रही है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया। सरकार का कहना है कि भारत में मीडिया पूर्णतः स्वतंत्र है और फर्जी खबरों पर नियंत्रण आवश्यक है। भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया। रिपोर्ट में नॉर्वे शीर्ष पर है जबकि पाकिस्तान 153वें स्थान पर है। भारत का स्कोर घटकर 32.96 हो गया। पिछले दशक में भारत की रैंकिंग लगातार नीचे गई है। कांग्रेस ने पत्रकारों के समर्थन में अभियान चलाने का ऐलान किया। विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे को उठाने का वादा किया। सरकार ने कहा कि प्रेस स्वतंत्रता के नाम पर देशहित के विरुद्ध प्रचार नहीं चलेगा। यह विवाद मीडिया स्वतंत्रता पर बहस को तेज कर दिया।
by Dainikshamtak on | 2026-05-03 19:47:28