सरकार ने बताया भारत टैक्सी कोऑपरेटिव मॉडल: ₹500 में ड्राइवर बन सकेंगे को-ओनर

सरकार ने बताया भारत टैक्सी कोऑपरेटिव मॉडल: ₹500 में ड्राइवर बन सकेंगे को-ओनर

भारत टैक्सी कोऑपरेटिव मॉपरेटिव मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च हुआ है जो ड्राइवरों को मालिक बनाने का अनूठा मॉडल अपनाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि ड्राइवर मात्र ₹500 शेयर खरीदकर सहकारी समिति के सदस्य और को-ओनर बन सकते हैं। मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के तहत पंजीकृत यह प्लेटफॉर्म प्राइवेट एग्रीगेटर्स से अलग है। कमीशन सिस्टम खत्म कर दैनिक फिक्स्ड एक्सेस फी (₹30/दिन, ऑटो के लिए ₹18) लगाई गई है। 80% लाभ ड्राइवरों को किलोमीटर के आधार पर बांटा जाएगा, 20% संगठन के विस्तार में लगेगा।शाह ने इसे अमूल मॉडल से तुलना की। ड्राइवरों को 'सारथी' कार्ड, बीमा कवरेज और अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने की आजादी मिलेगी। बोर्ड में ड्राइवर प्रतिनिधि होंगे जो निर्णयों पर सवाल उठा सकेंगे। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर और राजकोट में शुरू, 3 वर्षों में सभी नगर निगम शहरों तक विस्तार। 15 करोड़ ड्राइवरों को जोड़ने का लक्ष्य। 'सारथी डिडी' योजना महिला ड्राइवरों के लिए। न्यूनतम बेस किलोमीटर दर सुनिश्चित कर सर्ज प्राइसिंग कम होगी। शिकायत निवारण तंत्र मजबूत।प्राइवेट प्लेटफॉर्म्स पर ड्राइवरों की शिकायतें जैसे अनिश्चित आय, अधिक कमीशन अब खत्म होंगी। सहकारी बैंक ऋण और EPF/ESI पर सहायता मिलेगी। यह गिग इकॉनमी को सहकारी मॉडल में बदलने का प्रयास है। ड्राइवर अब सेवाप्रदाता से भागीदार बने। ओला-उबर जैसी कंपनियों को चुनौती। 3 वर्ष लगेंगे मॉडल स्थापित होने में। ड्राइवरों से धैर्य की अपील।यह डिजिटल इंडिया और सहकारिता क्रांति का संगम। अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को संगठित करेगा। ड्राइवरों को आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा। स्थिर आय से सामाजिक सुरक्षा मजबूत। सरकार की 'सभी के लिए मोबिलिटी' दृष्टि साकार होगी।

by Dainikshamtak on | 2026-02-25 01:18:54

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