केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 फरवरी 2026 को केरल सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसके तहत राज्य का नाम आधिकारिक रूप से 'केरलम' किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई PMO इमारत सेवां तीर्थ में हुई इस बैठक में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक 2026 को मंजूरी मिली। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसे अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा को भेजेंगी। विधानसभा की राय के बाद संसद में पेश होगा। यह निर्णय अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया।केरल विधानसभा ने अगस्त 2023 और जून 2024 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। CM पिनारायी विजयन ने कहा कि मलयालम में राज्य का नाम 'केरलम' है जो स्वतंत्रता संग्राम से चला आ रहा। संविधान की पहली अनुसूची में इसे केरल लिखा है जबकि अन्य भाषाओं में केरलम। प्रस्ताव में संविधान की पहली और आठवीं अनुसूची में सभी भाषाओं में केरलम करने की मांग की गई। केंद्र ने तकनीकी सुधारों के बाद दोबारा पारित प्रस्ताव मंजूर किया।PM मोदी ने इसे लोगों की इच्छा और सांस्कृतिक पहचान मजबूत करने वाला कदम बताया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि निर्णय चुनावों से प्रेरित नहीं बल्कि जनभावना पर आधारित है। केरल BJP के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने जनवरी में CM को पत्र लिखकर समर्थन जताया था। विधानसभा की 140 सीटों पर अप्रैल में चुनाव। यह नाम परिवर्तन केरल की भाषाई-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा। भाषाई आधार पर बने राज्यों में नाम एकरूपता आएगी। ऐतिहासिक निर्णय।
by Dainikshamtak on | 2026-02-25 01:10:54