प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25-26 फरवरी 2026 के इजरायल दौरे से ठीक पहले भारत और इजरायल ने रक्षा उद्योगों के बीच गहन सहयोग के लिए नया समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह MoU इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग निदेशालय (SIBAT) और भारतीय रक्षा मंत्रालय, SIDM के सहयोग से विशाखापत्तनम में आयोजित रणनीतिक उद्योग परिचर्चा के बाद हुआ। SIBAT निदेशक ब्रिगेडियर जनरल (रि.) यैर कुलास की अगुवाई में 30 भारतीय और 26 इजरायली कंपनियों ने भाग लिया।MoU से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग मजबूत होगा। भारत की नई रक्षा खरीद प्रक्रिया (DAP) 2026 और इजरायली प्रौद्योगिकी पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने संकट के समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का जिक्र किया। सहयोग खरीदार-विक्रेता से संयुक्त विकास और तकनीकी सहयोग तक पहुंच गया है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा'अर ने कहा कि संबंध पहले से मजबूत हैं।पीएम मोदी का यह इजरायल का दूसरा दौरा होगा (पहला 2017 में)। चर्चा में एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम, डायरेक्टेड-एनर्जी लेजर हथियार, लॉन्ग-रेंज स्टैंड-ऑफ मिसाइल और नेक्स्ट-जनरेशन ड्रोन पर जोर होगा। निबे और एल्बिट सिस्टम्स के बीच लॉन्चर उत्पादन के लिए MoU हुआ। इजरायल भारत का प्रमुख रक्षा आपूर्तिकर्ता है।मोदी के दौरे में रक्षा, नवाचार, काउंटर-टेररिज्म और व्यापार पर समझौते होंगे। दोनों देशों ने संयुक्त कार्य समूह (JWG) बैठक में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। इजरायल के डीजी मेजर जनरल (रि.) अमीर बरम ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। यह MoU भारत की आत्मनिर्भरता और इजरायल की तकनीकी विशेषज्ञता का संगम है।
by Dainikshamtak on | 2026-02-24 12:24:13