22 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहर और पक्तिका प्रांतों में कई हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने इन्हें TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और ISKP के सात ठिकानों पर "खुफिया आधारित" कार्रवाई बताया। इन हमलों में कम से कम 18 नागरिक मारे गए जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। अफगान तालिबान सरकार ने इसे "सीमा अखंडता का घोर उल्लंघन" करार दिया और उचित समय पर "उचित जवाब" देने की चेतावनी दी।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, "भारत पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है जो रमजान के पवित्र महीने में नागरिकों की हत्या का कारण बने। यह पाकिस्तान का आंतरिक असफलताओं को बाहर करने का एक और प्रयास है।" भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता का समर्थन दोहराया।ये हमले इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर 6 फरवरी को हुए बम विस्फोट (31 मरे) और खैबर पख्तूनख्वा में रमजान के शुरुआती दिनों में हुए अन्य हमलों का जवाब बताए जा रहे। संयुक्त राष्ट्र ने 13 नागरिक मृतकों की पुष्टि की। अफगान अधिकारियों ने कहा कि गिर्दी कास गांव में नागरिक घरों और मदरसे पर हमला हुआ। पाकिस्तान ने इसे आतंकी ठिकाने बताया।यह 2021 में तालिबान सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान का अफगानिस्तान में सातवां हवाई हमला है। कतर के मध्यस्थता से अक्टूबर 2025 में नाजुक युद्धविराम हुआ था लेकिन बातचीत विफल रही। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 11 फरवरी को चेतावनी दी थी। भारत ने क्षेत्रीय शांति के लिए संयम बरतने का आह्वान किया। अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाता है। TTP और ISKP के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा हैं। भारत ने अफगानिस्तान में मानवीय सहायता जारी रखी है।
by Dainikshamtak on | 2026-02-24 12:25:38