वॉशिंगटन,। अमेरिका में इस सप्ताह भीषण तूफान आया। धूल भरी आंधी और जंगलों में आग लग गई, जिससे 39 लोगों की मौत हो गई। इस विनाशकारी मौसम ने अमेरिका के कई राज्यों को प्रभावित किया है। मिसिसिपी के टायलरटाउन की रहने वाली महिला और उनके मंगेतर का घर तूफान से तहस-नहस हो गया। वह अपने तीन कुत्तों के साथ कार में छिप गईं लेकिन तूफान से कार पलटी और खिड़कियां टूट गईं उन्होंने पास में मदद के लिए चिल्लाते लोगों की आवाजें सुनीं। उन्होंने कहा कि यह एक बुरा सपना है जो सच हो गया।
वहीं महिला के दादा-दादी पास में ही अपने नष्ट हो चुके घर के मलबे से बाहर निकले। उनके घर की छत पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। महिला की दादी ने कहा कि सबकुछ हम पर गिर रहा था। मैं गॉड से हमें बचाने की प्रार्थना कर रही थी। उन्हें कुछ खरोंच आईं, लेकिन वह बच गए। नेशनल वेदर ने कहा कि तूफान की चेतावनियां खत्म हो गई हैं। मौसम एक्सपर्ट्स ने सबसे खतरनाक स्थितियों की चेतावनी दी थी जो घातक साबित हुईं। शुक्रवार को शुरू हुए इस भीषण तूफान को मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च में ऐसे खतरनाक मौसम देखना असामान्य नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क पर कहा कि उनका प्रशासन प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए तैयार है। इन भयानक तूफानों से प्रभावित सभी लोगों के लिए प्रार्थना करें। केंद्रीय अलबामा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 82 साल की महिला भी शामिल है।
अधिकारियों ने रविवार को चेतावनी दी थी कि कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह फिर से आग के खतरे का सामना करना पड़ेगा। गवर्नर ने कहा कि ओक्लाहोमा में 130 से अधिक आग की घटनाएं दर्ज की गईं और करीब 300 घरों को नुकसान पहुंचा या नष्ट हो गए। ओक्लाहोमा के फायर चीफ टेरी एस्सरी ने कहा जब हवा 112 किमी घंटे की रफ्तार से चल रही हो, तो आग से लड़ने के लिए किसी के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होते।
by Dainik Shamtak on | 2025-03-17 16:09:31