भारत का गोल्ड आयात FY26 में रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर पहुंचा, व्यापार संतुलन पर बढ़ा दबाव

भारत का गोल्ड आयात FY26 में रिकॉर्ड 72 अरब डॉलर पहुंचा, व्यापार संतुलन पर बढ़ा दबाव

भारत का सोना आयात वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार देश का कुल गोल्ड आयात लगभग 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती घरेलू मांग, निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की लोकप्रियता और विवाह सीजन की मजबूत खरीदारी ने आयात में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है और यहां आभूषण, निवेश तथा सांस्कृतिक कारणों से सोने की मांग लगातार बनी रहती है। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार रिकॉर्ड आयात से देश के व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। हाल के समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता के कारण निवेशकों का रुझान सोने जैसे सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार भी बढ़ते सोना आयात को लेकर चिंता जता चुकी है और हाल ही में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक सोना आयात से चालू खाते के घाटे पर असर पड़ सकता है, क्योंकि इसके लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। भारत लंबे समय से घरेलू गोल्ड मोनेटाइजेशन योजनाओं और तिलहन तथा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देकर सोना आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। जेम्स और ज्वेलरी उद्योग का कहना है कि भारत का सोना बाजार दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल है और मांग में वृद्धि आर्थिक गतिविधियों का भी संकेत देती है। हालांकि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अत्यधिक आयात से आर्थिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ती है। आने वाले समय में सरकार आयात प्रबंधन, गोल्ड मोनेटाइजेशन और घरेलू निवेश विकल्पों को मजबूत करने की दिशा में और कदम उठा सकती है। रिकॉर्ड गोल्ड आयात भारत की मजबूत उपभोक्ता मांग और आर्थिक चुनौतियों दोनों को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

by Dainikshamtak on | 2026-05-13 13:01:15

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