केंद्र सरकार ने सोने और कई अन्य कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। नई अधिसूचना के अनुसार सोने समेत चयनित बहुमूल्य धातुओं पर आयात शुल्क 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम देश के बढ़ते आयात बिल को नियंत्रित करने, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और चालू खाते के घाटे को संतुलित रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है और हर वर्ष बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और आयात मात्रा का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से अनावश्यक सोना आयात में कमी आ सकती है और घरेलू वित्तीय संतुलन को समर्थन मिलेगा। हाल के समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण भारत के आयात बिल पर अतिरिक्त दबाव देखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना आयात में वृद्धि विदेशी मुद्रा पर असर डालती है, इसलिए सरकार समय-समय पर शुल्क संरचना में बदलाव करती रही है। हालांकि जेम्स और ज्वेलरी उद्योग से जुड़े कुछ संगठनों ने चिंता जताई है कि आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है और ज्वेलरी कारोबार की लागत बढ़ सकती है। दूसरी ओर आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला अल्पकालिक रूप से आयात नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अन्य बहुमूल्य धातुओं पर भी शुल्क में संशोधन किया गया है, जिससे संबंधित उद्योगों और व्यापार पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश में आत्मनिर्भरता, आयात प्रबंधन और आर्थिक संतुलन को लेकर कई नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस निर्णय का असर घरेलू सोना बाजार और उपभोक्ता मांग पर देखने को मिल सकता है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-13 12:59:24