पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में अवैध टोल सिंडिकेट और अनधिकृत वसूली केंद्रों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार ने सभी गैर-अधिकृत टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड संरचनाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल सरकार द्वारा अधिकृत और स्वीकृत टोल संरचनाएं ही संचालित की जा सकेंगी। जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में अवैध वसूली बिंदुओं की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाने की कार्रवाई करें। अधिकारियों के मुताबिक लंबे समय से विभिन्न इलाकों में गैरकानूनी तरीके से वाहनों से पैसे वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार प्रशासनिक टीमों और स्थानीय पुलिस को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अवैध टोल संचालन को तुरंत बंद कराया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाना है। पश्चिम बंगाल में सड़क परिवहन और माल ढुलाई गतिविधियां बड़ी संख्या में होती हैं, ऐसे में अवैध वसूली से व्यापारिक और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है। सरकार का कहना है कि अधिकृत टोल व्यवस्था के अलावा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अवैध संरचनाएं न बनने पाए, इसके लिए नियमित निगरानी रखी जाए। राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है। यह अभियान पश्चिम बंगाल में अवैध आर्थिक नेटवर्क और अनधिकृत वसूली व्यवस्था के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का संकेत माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-13 12:58:07