उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी दर्ज की है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई नीतियों, औद्योगिक निवेश, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और बेहतर औद्योगिक अवसंरचना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र देश के प्रमुख मोबाइल निर्माण केंद्र के रूप में उभरे हैं, जहां कई वैश्विक और भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उत्पादन कर रही हैं। राज्य में स्थापित आधुनिक विनिर्माण इकाइयों ने न केवल घरेलू मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि निर्यात क्षमता को भी मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल निर्माण में उत्तर प्रदेश की बढ़ती हिस्सेदारी भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं तथा सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग और आपूर्ति श्रृंखला को भी गति मिली है। सरकार का लक्ष्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है। इसी उद्देश्य से सेमीकंडक्टर, कंपोनेंट निर्माण और उच्च मूल्य वाले इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार यदि निवेश, तकनीकी नवाचार और कुशल मानव संसाधन विकास की वर्तमान गति बनी रहती है, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक मोबाइल निर्माण बाजार में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत कर सकता है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य की औद्योगिक प्रगति, निवेश आकर्षित करने की क्षमता और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में इस प्रकार की प्रगति देश की आर्थिक वृद्धि, निर्यात विस्तार और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति प्रदान करेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-07-26 23:37:28