राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहला पदक हासिल किया है। पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हैवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि झंडू कुमार का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने अपने अदम्य साहस, कठिन परिश्रम तथा वर्षों के अनुशासित प्रयास से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशभर के खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। बिहार के रहने वाले झंडू कुमार का सफर संघर्षों से भरा रहा है। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपने खेल को जारी रखा और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए पदक जीतने का गौरव हासिल किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में स्थान दिलाया। भारतीय ओलंपिक संघ ने भी उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे देश के अभियान की सकारात्मक शुरुआत बताया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती पदक खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इससे आगामी मुकाबलों में भारतीय दल का आत्मविश्वास मजबूत होता है। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत विभिन्न खेलों में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ हिस्सा ले रहा है और आने वाले दिनों में कई अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं। झंडू कुमार की सफलता को भारतीय पैरा खेलों के लगातार बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों को मिल रहे बेहतर प्रशिक्षण एवं समर्थन का भी प्रमाण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की ओर से मिली बधाई ने इस उपलब्धि को और अधिक विशेष बना दिया है तथा देशभर से खिलाड़ी को शुभकामनाएं मिल रही हैं। भारत अब आगामी स्पर्धाओं में अपने पदकों की संख्या बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ राष्ट्रमंडल खेलों में आगे बढ़ेगा।
by Dainikshamtak on | 2026-07-26 23:36:49