ओडिशा में 14,257 करोड़ रुपये का एआई डेटा सेंटर बनेगा, एचसीएलटेक, सर्वम एआई और राज्य सरकार की बड़ी साझेदारी

ओडिशा में 14,257 करोड़ रुपये का एआई डेटा सेंटर बनेगा, एचसीएलटेक, सर्वम एआई और राज्य सरकार की बड़ी साझेदारी

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अवसंरचना को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एचसीएलटेक, सर्वम एआई और ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर में 14,257 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए साझेदारी की है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत की बढ़ती एआई कंप्यूटिंग क्षमता को मजबूत करना, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग अवसंरचना विकसित करना और देश को वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। प्रस्तावित डेटा सेंटर में उन्नत कंप्यूटिंग संसाधन, बड़े पैमाने की डेटा प्रोसेसिंग क्षमता और जनरेटिव एआई सहित विभिन्न कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से ओडिशा को उभरते हुए प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की संभावना है। राज्य सरकार का मानना है कि इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, क्लाउड सेवाओं, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार से जुड़े उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। एचसीएलटेक अपनी वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञता, सर्वम एआई भारतीय भाषा आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधान और राज्य सरकार आवश्यक बुनियादी ढांचा एवं नीतिगत सहयोग प्रदान करेगी। केंद्र सरकार भी देश में एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए इंडिया एआई मिशन, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और डेटा सेंटर निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े एआई डेटा सेंटर न केवल घरेलू उद्योगों और स्टार्टअप को अत्याधुनिक कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराएंगे, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक तकनीकी निवेश को भी आकर्षित करेंगे। भारत में एआई आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए इस प्रकार की परियोजनाएं डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। यदि यह परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी होती है, तो भुवनेश्वर देश के प्रमुख एआई और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में शामिल हो सकता है तथा भारत के डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी नई गति मिल सकती है।

by Dainikshamtak on | 2026-07-25 15:35:03

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