पेपर लीक पर संसद में बोलें प्रधानमंत्री, 'मन की बात' नहीं: कांग्रेस की मांग

पेपर लीक पर संसद में बोलें प्रधानमंत्री, 'मन की बात' नहीं: कांग्रेस की मांग

कांग्रेस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में बयान देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस विषय पर प्रधानमंत्री को 'मन की बात' कार्यक्रम के बजाय संसद के भीतर चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने के लिए संसद में विस्तृत चर्चा आवश्यक है।

विपक्ष का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों ने युवाओं में असंतोष पैदा किया है। कांग्रेस का तर्क है कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और संसद के माध्यम से देश को बताना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार को अधिक जवाबदेही दिखानी चाहिए।

 दूसरी ओर, केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि NEET और अन्य परीक्षा संबंधी मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू सहित सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष से रचनात्मक बहस में भाग लेने की अपील की है। सरकार का यह भी कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक उपाय लागू किए जा रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेपर लीक का मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह प्रमुख राजनीतिक विषय बना हुआ है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार जांच और सुधारों पर जोर दे रही है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और इस मुद्दे पर होने वाली संभावित चर्चा देशभर के छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

by Dainikshamtak on | 2026-07-24 17:00:00

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