अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर का रिकॉर्ड रक्षा विधेयक पारित किया, रक्षा बजट में बड़ा इज़ाफा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर का रिकॉर्ड रक्षा विधेयक पारित किया, रक्षा बजट में बड़ा इज़ाफा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) ने 1.15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड रक्षा विधेयक (Defence Bill) को पारित कर दिया है। यह अब तक के सबसे बड़े रक्षा व्यय प्रस्तावों में से एक माना जा रहा है। इस विधेयक का उद्देश्य अमेरिका की सैन्य क्षमता को और मजबूत करना, आधुनिक रक्षा तकनीकों में निवेश बढ़ाना तथा इंडो-पैसिफिक, यूरोप और मध्य पूर्व जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए सशस्त्र बलों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित रक्षा बजट में सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण, नौसेना और वायुसेना की क्षमताओं के विस्तार, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष सुरक्षा, मिसाइल रक्षा प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित रक्षा तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा सैनिकों के वेतन, प्रशिक्षण, सैन्य अनुसंधान तथा रक्षा अवसंरचना के विकास के लिए भी बड़ी राशि प्रस्तावित की गई है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, चीन और रूस जैसी प्रमुख शक्तियों के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा उभरते सुरक्षा खतरों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाना आवश्यक है। हालांकि, कुछ सांसदों और विशेषज्ञों ने इतने बड़े रक्षा व्यय को लेकर वित्तीय अनुशासन और संघीय घाटे (Fiscal Deficit) पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता भी जताई है। विधेयक को अंतिम रूप से कानून बनने से पहले अमेरिकी सीनेट की स्वीकृति और उसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की प्रक्रिया से गुजरना होगा। वैश्विक रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो इसका प्रभाव केवल अमेरिकी रक्षा नीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक रक्षा उद्योग, हथियार बाजार, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी पड़ सकता है। आने वाले समय में इस विधेयक पर सीनेट की चर्चा और अंतिम निर्णय पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।

by Dainikshamtak on | 2026-07-23 15:50:11

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