भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। पैरास डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज की सेमीकंडक्टर इकाई ने मध्य प्रदेश के इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में लगभग 644 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹5,300 करोड़ से अधिक) के निवेश से चिप पैकेजिंग (Semiconductor Chip Packaging) सुविधा स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (Semiconductor Ecosystem) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रस्तावित इकाई में मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़े अत्याधुनिक कार्य किए जाएंगे। चिप पैकेजिंग वह प्रक्रिया है जिसमें निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स को अंतिम उपयोग के लिए सुरक्षित और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में लगाने योग्य बनाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं भारत को केवल चिप डिजाइन तक सीमित न रखकर संपूर्ण सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का हिस्सा बनने में मदद करेंगी।
परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। साथ ही इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और हाई-टेक उद्योगों के लिए नए निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। यह निवेश केंद्र सरकार की India Semiconductor Mission (ISM) और मेक इन इंडिया जैसी पहलों को भी गति देगा। हाल के वर्षों में भारत सरकार सेमीकंडक्टर निर्माण, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं लागू कर चुकी है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो मध्य प्रदेश देश के उभरते सेमीकंडक्टर हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है। इसके साथ ही भारत की वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला (Global Electronics Supply Chain) में भागीदारी भी बढ़ेगी। आने वाले वर्षों में इस तरह के निवेश देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता, उच्च मूल्य विनिर्माण और निर्यात क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-07-23 15:59:34