ब्रिटेन से भारत को मिले नौ सेवानिवृत्त जगुआर विमान, भारतीय वायुसेना के बेड़े को मिलेगा बड़ा तकनीकी समर्थन

ब्रिटेन से भारत को मिले नौ सेवानिवृत्त जगुआर विमान, भारतीय वायुसेना के बेड़े को मिलेगा बड़ा तकनीकी समर्थन

भारतीय वायुसेना के जगुआर लड़ाकू विमान बेड़े की परिचालन क्षमता बनाए रखने के लिए भारत को ब्रिटेन से नौ सेवानिवृत्त जगुआर विमान प्राप्त हुए हैं। इन विमानों को उड़ान संचालन के लिए नहीं बल्कि उनके उपयोगी पुर्जों, इंजन, एवियोनिक्स, लैंडिंग गियर और अन्य महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों को निकालकर भारतीय वायुसेना के मौजूदा जगुआर बेड़े के रखरखाव में उपयोग करने के उद्देश्य से लिया गया है। भारत वर्तमान में दुनिया का एकमात्र देश है जो जगुआर लड़ाकू विमानों का सक्रिय रूप से संचालन कर रहा है। भारतीय वायुसेना के पास लगभग 120 उन्नत जगुआर विमान हैं, जिन्हें गहरे प्रहार मिशनों और सामरिक अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वैश्विक स्तर पर इस विमान के उत्पादन और संचालन बंद होने के कारण इनके स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता लगातार चुनौती बनती जा रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत ने पहले भी फ्रांस, ओमान और ब्रिटेन से सेवानिवृत्त जगुआर विमानों और उनके पुर्जों की खरीद की थी। नवीनतम खेप में पांच जगुआर जीआर-1 और चार दो-सीटर टी-2 संस्करण शामिल हैं। इन विमानों को चरणबद्ध तरीके से अलग कर उनके उपयोगी पुर्जों को भारतीय वायुसेना के सक्रिय बेड़े में लगाया जाएगा, जिससे जगुआर विमानों की सेवा अवधि बढ़ाने और उनकी मिशन तत्परता बनाए रखने में सहायता मिलेगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय वायुसेना की तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ नए स्वदेशी और आधुनिक लड़ाकू विमानों के शामिल होने तक एक महत्वपूर्ण अंतरिम समाधान प्रदान करेगा। सरकार और वायुसेना का उद्देश्य मौजूदा जगुआर बेड़े को आगामी वर्षों तक प्रभावी बनाए रखना है, ताकि देश की गहरे प्रहार करने की क्षमता प्रभावित न हो। यह रक्षा सहयोग भारत और ब्रिटेन के बीच सैन्य लॉजिस्टिक्स तथा तकनीकी सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

by Dainikshamtak on | 2026-07-09 11:28:01

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