कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु को वैश्विक स्तर का आधुनिक महानगर बनाने की दिशा में एक व्यापक अवसंरचना विकास योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत वर्ष 2029 तक बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लगभग 500 किलोमीटर तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही शहर में यातायात दबाव कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए नई सुरंगों, फ्लाईओवरों तथा रिंग रोड परियोजनाओं का भी निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य तेजी से बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और शहरीकरण से उत्पन्न चुनौतियों का दीर्घकालिक समाधान तैयार करना है। सरकार का मानना है कि विस्तारित मेट्रो नेटवर्क और नई सड़क परियोजनाओं से यात्रा का समय घटेगा, प्रदूषण में कमी आएगी तथा सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। अवसंरचना विकास के साथ-साथ कर्नाटक सरकार ने वर्ष 2029 तक बेंगलुरु में 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा है। इन केंद्रों के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियां अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स और वैश्विक संचालन से जुड़े कार्य भारत में संचालित करती हैं। सरकार का अनुमान है कि नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित होने से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण गति मिलेगी। इस रणनीति के तहत निवेश आकर्षित करने, व्यापार सुगमता बढ़ाने, डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने तथा कौशल विकास कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर मेट्रो विस्तार और अन्य अवसंरचना परियोजनाएं पूरी होती हैं, तो बेंगलुरु की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होगी तथा यह शहर तकनीक, नवाचार और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करेगा। सरकार ने परियोजनाओं के चरणबद्ध क्रियान्वयन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है ताकि विकास कार्य समय पर पूरे किए जा सकें और नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
by Dainikshamtak on | 2026-07-09 11:24:46