भारत बनाएगा चंद्रा-बीस सुरंग, जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए चंद्रा नदी का पानी बीस नदी में मोड़ा जाएगा

भारत बनाएगा चंद्रा-बीस सुरंग, जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए चंद्रा नदी का पानी बीस नदी में मोड़ा जाएगा

 भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश में चंद्रा नदी के जल को बीस नदी में मोड़ने के उद्देश्य से लगभग 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। यह परियोजना चंद्रा नदी, जो चिनाब नदी की प्रमुख सहायक धारा है, के अतिरिक्त जल को बीस नदी बेसिन तक पहुंचाने के लिए विकसित की जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलविद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना तथा जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। प्रस्तावित परियोजना के तहत लाहौल-स्पीति क्षेत्र में एक बैराज और सुरंग का निर्माण किया जाएगा, जिसके माध्यम से जल का अंतर-बेसिन स्थानांतरण संभव होगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से भविष्य में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ जल उपलब्धता में भी सुधार होगा। यह परियोजना ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब भारत पश्चिमी नदियों के जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सुरंग के माध्यम से जल प्रवाह को नियंत्रित कर अतिरिक्त जल का उपयोग जलविद्युत परियोजनाओं में किया जा सकेगा। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों और स्थानीय संगठनों ने हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील पारिस्थितिकी, भूस्खलन की आशंका तथा नदी तंत्र पर संभावित प्रभावों को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले विस्तृत पर्यावरणीय अध्ययन और स्थानीय समुदायों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि परियोजना सभी आवश्यक तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए विकसित की जाएगी। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 2,352 करोड़ रुपये बताई गई है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल को भारत के जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक जलविद्युत क्षमता विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

by Dainikshamtak on | 2026-07-09 11:23:20

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