भारतीय रक्षा‑स्टॉक्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा के बीच तेजी दिखाई, जहां कई डिफेंस‑कंपनियों के शेयरों में लगभग 6% तक की तेजी दर्ज की गई, जिसमें मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, BDL, जेन टेक्नोलॉजीज, डेटा पैटर्न्स और पारस डिफेंस जैसे नाम प्रमुख रूप से देखे गए। निवेशक इस उछाल से भारत‑जर्मनी रक्षा‑सहयोग में बड़ी घोषणाओं की उम्मीद जोड़ रहे हैं, जो सरकार की “मेक इन इंडिया” रक्षा‑उद्योग को मजबूती देने की रणनीति के सीधे अनुरूप है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राजनाथ सिंह की 3‑दिवसीय आधिकारिक यात्रा (21–23 अप्रैल, 2026) के दौरान भारत और जर्मनी रक्षा उद्योग सहयोग के लिए एक संयुक्त रोडमैप पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के रक्षा‑उद्योगों के बीच टेक्नोलॉजी‑शेयर, जॉइंट डेवलपमेंट और को‑प्रोडक्शन को लंबी‑अवधि के लिए संरचित करना है। इस रोडमैप में सबमरीन, ड्रोन, साइबर‑सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और अन्य उभरती तकनीकों पर भी जोर रहेगा, ताकि भारतीय सेनाओं को आधुनिक‑प्लेटफॉर्म और उन्नत‑सॉफ्टवेयर‑समाधान लंबी‑अवधि में उपलब्ध हो सकें।
यात्रा के दौरान भारत‑जर्मनी के बोलचाल एक लगभग 70,000–90,000 करोड़ रुपये की सबमरीन डील को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं, जिसमें मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mumbai) और जर्मन कंपनी थाइसेनक्रुप मैरीन सिस्टम्स मिलकर प्रोजेक्ट‑75I के तहत 6 एडवांस्ड कन्वेंशनल सबमरीन की निर्माण‑परियोजना पर काम करेंगे। इस डील में भारत‑निर्मित‑औद्योगिक‑आधार बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी‑ट्रांसफर, इंडिजीनस लैंड‑आधारित रखरखाव‑नेटवर्क और लोकल‑सप्लाई‑चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के तत्व भी शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों देश सशस्त्र यूएवी (ड्रोन), AI‑आधारित ऑपरेशनल‑डिसिजन‑सिस्टम, साइबर‑डिफेंस, और स्माल‑सैटेलाइट‑आधारित निगरानी‑संचार‑समाधानों पर भी जोड़‑करार और जॉइंट‑रिसर्च‑प्रोजेक्ट शुरू करने पर चर्चा कर रहे हैं।
इस तरह यह यात्रा न केवल रक्षा‑सूचकांक को तकनीकी‑ऊर्जा दे रही है, बल्कि भारत‑यूरोपीय रक्षा‑सहयोग को एक नया‑स्तर बनाने में भी मदद कर रही है, जहां भारतीय डिफेंस‑स्टॉक्स और जर्मन टेककंपनी दोनों लंबी‑अवधि के विकास‑और‑लाभ‑प्रतिफल के लाभार्थी बन सकते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-04-21 15:00:11